Alone Status and Lonely Status


When you are Feeling Alone and thinking for your beloved and your loneliness is hurting you then use your Alone Status, Lonely Status, Alone Shayari, Tanhayi Status and Shayari to giving your broken heart relief. We have awesome collection of Alone Status so use it to satisfy your broken heart.


रिश्तों के दलदल से कैसे निकलेंगे,
जब हर साज़िश के पीछे आपके अपने निकलेंगे।

Rishton Ke Daldal Se KAise Niklenge,
Jab Har Sazish Ke Pichhe Aapka Apne Honge.



अब कहाँ ज़रूरत है हाथों में पत्थर उठाने की,
तोडने वाले तो सब कुछ जुबान से ही तोड दिया करते हैं।

Ab Kaha Zarurat Hai Haton Mein Patthar Uthane Ki,
Todne Wale To Sab Kuch Jubaan Se Hi Tod Diya Karte Hain.


दर्द मेरे दिल का किसने देखा है,
मुझे सिर्फ खुदा ने तड़पते देखा है,
हम तन्हाई में बैठकर रोते हैं,
महफ़िल में लोगों ने हमें हस्ते देखा है।

Dard Mere Dil Ka Kisne Dekha Hai,
Mujhe Sirf Khuda Ne Tadapte Dekha Hai,
Hum Tanhaai Me Baithkar Rote Hain,
Mahafil Me Logo Ne Humen Haste Dekha Hai.


कहा था उन्होंने कि तुम ‪‎अलग‬ हो सबसे, ‪
हमें तो लगा था सिर्फ कहा है पर उन्होंने तो कर भी दिया।

Kaha Tha Unhone Ki Tum Alag Ho Sabse,
Hamen To Laga Tha Sirf Kaha Hai Par Unhone To kar Bhi Diya.


बेपनाह मोहब्बत की सज़ा पाए बैठे हैं,
हासिल कुछ ना हुआ, सबकुछ लुटाये बैठे हैं।

Bepanaah Mohabbat Ki Saza Paye Baithe Hain,
Haasil Kuch Na Hua, Sabkuchh Lutaaye Baithe Hain.


मालूम था मुझे वो न मेरी थी,
और न कभी होगी,
बस एक शौक था,
उसके पीछे ज़िन्दगी बर्बाद करने का।

Malum Tha Mujhe Wo Na Meri Thee,
Aur Na Kabhi Hogi,
Bas Ek Shauk Tha,
Usake Peeche Zindagi Barbaad Karne Ka.


सब छोड़ते ही जा रहे हैं मुझको ऐ ज़िन्दगी,
तुझे भी इजाज़त है, जा… जा के ऐश कर।

Sab Chhorte Hi Ja Rahe Hain Mujhko Aye Zindagi,
Tujhe Bhi Ijaazat Hai, Ja… Ja Ke Jake Aish Kar.



आज परछाई से पूछ ही लिया मैंने,
क्यों चलते हो साथ मेरे,
साफ़ कह दिया उसने हंसके,
और कोई है साथ तेरे।

Aaj Parchhai Se Pooch Hi Liya Maine,
Kyun Chalte Ho Saath Mere,
Saaf Kah Diya Usne Hanske,
Aur Koi Hai Saath Tere.


रात भर जागता हूँ उस शख्स की यादों में,
जिसे दिन के उजाले में भी मेरी याद नहीं आती।

Raat Bhar Jagta Hu Us Shakhs Ki Yaadon Mein,
Jisse Din Ke Ujale Me Bhi Meri Yaad Nahi Aati.


बो भूल सा गया है मुझे,
समझ नहीं आ रहा कि,
हम आम हो गए हैं,
या कोई और खास हो गया है।

Bo Bhool Sa Gaya Hai Mujhe,
Samajh Nahin Aa Raha Ki,
Hum Aam Ho Gaye Hain,
Ya Koi Aur Khaas Ho Gaya Hai.


अब इंतज़ार की ये घड़ियाँ खत्म कर ऐ खुदा,
जिसके लिए बनाया है उससे मिलवा भी दे जरा।

Ab Intezar Ki Ye Ghadiyan Khatam Kar Aye Khuda,
Jiske Liye Banaya Hai Usase Milwa Bhi De Jara.c

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6 Comments

  1. कौन याद रखता हैं गुजरे हुए वक़्त के साथी को
    लोग तो दो दिन में नाम तक भुला देते हैं |

    लफ्ज ही होते हैं इंसान का आईना,शक्ल का क्या है ..
    वो तो उम्र और हालात के साथ, अक्सर बदल जाती है …!!

    कभी फुरसत मिले तो देख लेना एक बार
    किसी नज़र को तेरा इंतजार आज भी है…

    गम ए आरज़ू तेरी आह में, शब् ए आरज़ू तेरी चाह में,
    जो उजड़ गया वो बसा नहीं, जो बिछड़ गया वो मिला नहीं

    मुझे तलाश हैं एक रूह की, जो मुझे दिल से प्यार करे
    वरना इंसान तो पेसो से भी मिल जाया करते हैं |

    गुजरा हैं मोहब्बत में कुछ ऐसा भी ज़माना
    रूठा हूँ अगर तो मनाया था हमे भी किसी ने

    चले जायेंगे एक दिन तुझे तेरे हाल पर छोड़कर
    कदर क्या होती हैं प्यार की तुझे वक़्त ही सीखा देगा

    जब लगा सीने पे तीर तब हमे इतना दर्द नहीं हुआ …..ग़ालिब
    ज़ख्म का एहसास तो तब हुआ जब कमान अपनों के हाथ में दिखी

    Paaon Ke LadKhadane Pe To Sabki Hai Najar,
    Sar Pe Kitna Bojh Hai Koi Dekhta Nahin

    दिल में आने का रस्ता तो होता हैं लेकिन जाने का नहीं…….,,
    इसलिए जब कोई दिल से जाता हैं तो दिल तोड़ कर ही जाता हैं|

    आखिर क्यों बस जाते हैं दिल में बिना इजाज़त लिए ?
    वो लोग जिन्हे हम ज़िन्दगी में कभी पा नहीं सकते

    Sitam Ye Hai Ke Humari Safon Mein Shamil Hain,
    Charaag Bujhte Hi Khema Badlne Wale Log

    वो बुलंदियाँ भी किस काम की जनाब ,
    इंसान चढ़े और इंसानियत उतर जाये..!!

    ग़ुज़री तमाम उम्र उसी शहर में जहाँ..
    वाक़िफ़ सभी थे,कोई पहचानता न था..!!

    कांटे किसी के हक में किसी को गुलो-समर,
    क्या खूब एहतमाम-ए-गुलिस्ताँ है आजकल।

    फितरत किसी की ना आजमाया कर ऐ जिंदगी,
    हर शख्स अपनी हद में बेहद लाजवाब होता है।

    काश ! उनको कभी फुर्सत में ये ख़याल आए,
    कि कोई याद करता है उन्हें जिंदगी समझकर..!!

    अल्फाज़ ए शायरी पढ कर किसी ने पूछ लिया कभी इश्क हुआ था,
    हम मुस्कुरा के बोले “आज भी है”…!!

    जिंदगी भर के इम्तिहान के बाद,
    वो शख्स नतीजे में किसी और का निकला ..!!

    लफ्ज ही होते हैं इंसान का आईना,शक्ल का क्या है ..
    वो तो उम्र और हालात के साथ, अक्सर बदल जाती है …!!

    कभी फुरसत मिले तो देख लेना एक बार
    किसी नज़र को तेरा इंतजार आज भी है…

    बस तुम्हे पाने की तमन्ना ना रही,
    मोहब्बत तो आज भी तुमसे बेशुमार करते है !!

    वक़्त के एक दौर में, इतना भूखा था मैं,
    कुछ न मिला तो, धोखा ही खा गया..!!

    आज उसे ने मुझसे पुछा ” कयामत ” का मतलब,
    और मैंने घबरा के कह दिया ” रुठ. जाना तेरा”..!!

    सोच समझ कर रखना हमारी सलतनत मे कदम
    हमारी मुहब्बत की क़ैद मे ज़मानत नही होती

    तुम सामने आये तो अजब तमाशा हुँआ,
    हर शिकायत ने जैसे खुदखुशी कर ली।

    Zinda Rahane Ki Ab Yeh Tarkeeb Nikaali Hai,
    Zinda Hone Ki Khabar Sab Se Chhupa Li Hai.

    Kya Kahiye Kis Tarah Se Jawani Gujar Gayi,
    BadNaam Karne Aayi Thi BadNaam Kar Gayi.

    वह काले कोस सहर की खुशी में काटे हैं,
    सहर का रंग मगर रात से भी बदतर था।

    कभी कुछ रिश्ते इस कदर घायल कर देंते है,
    की अपने ही घर लौट पाना मुश्किल हो जाता है।

    Iss Daur-e-Siyasat Ka Itna Sa Fasana Hai,
    Basti Bhi Jalani Hai Maatam Bhi Manana Hai.

    फलक के तारों से क्या दूर होगी जुल्मत-ए-शब,
    जब अपने घर के चरागों से रोशनी न मिली।

    Ek Rasta Yeh Bhi Hai Manzilon Ko Paane Ka,
    Seekh Lo Tum Bhi Hunar Haan Mein Haan Milane Ka.

    Iss Jahan Mein Kab Kisi Ka Dard Apnate Hain Log,
    Rukh Hawa Ka Dekh Kar Aksar Badal Jate Hain Log.

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  2. 1. अदायें सीख लीं तुमनें,नज़रों से क़त्ल करने की,
    मगर तालीम न सीखी,किसी से इश्क़ करने की..

    2. इस दिल मे प्यार था कितना वो जान लेते तो क्या बात होती,
    हमने माँगा था उन्हें ख़ुदा से वो भी माँग लेते तो क्या बात होती..

    3. तेरी दिलजारी का अंदाज भी गजब था,
    अपना कभी बनाया नहीं,गैरो का होने ना दिया..

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  3. 1. मैं डूब के उभरा तो बस इतना ही देखा है,
    औरों की तरह तू भी किनारे पे खड़ा था..

    2. चलो छोडो यार!मुहब्बत के फसाने,
    ये बताओ बेवफ़ाई का बाजार कैसा हैं..

    3. बेवजह तो खामोश नही है जबान ,
    कुछ दर्द ऐसे भी होते हैं जो आवाज भी छींन लिया करते हैं ..

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  4. 1. दो शब्दों में सिमटी है मेरी मुहब्बत की दास्तान,
    उसे टूट कर चाहा और चाह कर टूट गये।

    2. अब कहाँ जरुरत है हाथों में पत्थर उठाने की​​,
    ​​तोड़ने वाले तो दिल जुबां से ही तोड़ दिया करते है।

    3. दर्द देने का तुझे भी शौक़ था बहोत,
    और देख हमने भी सहने की इन्तेहा कर दी !!

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  5. 1. नहीं बस्ती किसी और की सूरत अब इन आँखों में,
    काश की हमने तुझे इतने गौर से ना देखा होता ..

    2. ये मत सोचना कि तुम्हारे बिना मर जायेंगे हम,
    वो लोग भी जी रहे हैं जिन्हें छोड़ा था मैंने तुम्हारी खातिर..

    3. दुनिया मे मोहब्बत आज भी बरकरार है,
    क्योंकि एकतरफा प्यार अब भी वफादार है..

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  6. 1. मत ढूढ़ना मुझे इस जहाँ की तन्हाई में,
    ठण्ड बहुत हैं मैं हूँ अपनी रजाई में.

    2. जाड़े की रुत है नई तन पर नीली शाल
    तेरे साथ अच्छी लगी सर्दी अब के साल.

    3. समझ में नही आता, सारी रात गुजर जाती हैं,
    रजाई में हवा किधर से घुस जाती हैं.

    4. ठण्ड में वादा नही करते कि दोस्ती निभायेंगे,
    जरूरत पड़ी तो सब कुछ ले लो, पर रजाई न दे पायेंगे.

    5. बड़ी बेवफ़ा हो जाती है , ये घड़ी भी सर्दियों में,
    5 मिनट और सोने की सोचो तो, 30 मिनट आगे बढ़ जाती है.

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